हम जादूगर नहीं, लेकिन तमाशा घुस कर देखते हैं
मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला सिंगरौली जिले में किया जाना अत्यंत आवश्यक था, जिससे यहां के आमलोगों में उत्पन्न भय को दूर किया जा सके तथा उन्हें इस उत्पन्न भय एवं चिंता से मुक्त कराया जा सके।
म.प्र. पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने फ्लाई एश पर दिया बेबाक बयान
सिंगरौली म.प्र. । पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि हम विद्वान नहीं है, मंत्री बने हुए आठ महीने हुए हैं, इतने में हम पर्यावरण के जादूगर नहीं बन जाते, लेकिन हमारी आदत है कि तमाशा घुस कर देखते हैं। ये बात उन्होंने शनिवार को विंध्यनगर स्थित विंध्याचल सुपर ताप विद्युत गृह परिसर के आडीटोरियम में आयोजित ‘‘फ्लाई एश का पर्यावरणीय प्रबंधन: उपयोग एवं भावी संभावनाएं’राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला सिंगरौली जिले में किया जाना अत्यंत आवश्यक था, जिससे यहां के आमलोगों में उत्पन्न भय को दूर किया जा सके तथा उन्हें इस उत्पन्न भय एवं चिंता से मुक्त कराया जा सके। मंत्री ने कहा कि मुझे आते समय यह अवगत कराया गया तथा दिखाया भी गया कि इस बड़े रिहन्द डैम में औद्योगिक कंपनी एनसीएल, एनटीपीसी का दूषित पानी छोड़ा जाता है। इसे रोकने हेतु चिंतन करने की आवश्यकता है। साथ ही ऐसे समय में कठोर निर्णय लेने की भी आवश्यकता है। फ्लाई ऐश का पर्यावरणीय के संबंध में कार्यशाला के द्वारा अपनी राय व्यक्त की गयी है उसके संबंध में शीघ्र एक ठोस पहल की जायेगी। उन्होंने कहा कि अब लाल रंग की मकान में लगने वाली ईंट के जगह फ्लाई ऐश के बने ईंटे लगाये जायेंगे। साथ ही निर्माण होने वाली सड़कों में भी तकनीकी नियमों के तहत इसका प्रयोग किया जायेगा। वहीं प्लास्टिकों से होने वाले प्रदूषण एवं इसके बचाव हेतु मुख्यमंत्री जी के द्वारा एक नई नीति लाई जा रही है जिसकी शीघ्र पहल होगी।
इसके पूर्व फ्लाई ऐश का पर्यावरणीय प्रबंधन कार्यशाला के दौरान फ्लाई ऐश के उपयोग के संबंध में विशेषज्ञ हेमंत शर्मा, गुरू विऋल, डॉ.एस.मुरली, सीएस गुजरे, डॉ.विमल कुमार तथा अन्य विषय विशेषज्ञों द्वारा अनेक सारगर्भित जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर कलेक्टर केव्हीएस चैधरी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन, आर.के.मेहरा प्रमुख अभियंता लोक निर्माण, सुदामा खेड़े अतिरिक्त प्रबंध संचालक म.प्र.सड़क विकास निगम, आर.एस.कोरी सदस्य सचिव एमपीसीबी आदि उपस्थित रहे।
सिंगरौली म.प्र. । पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि हम विद्वान नहीं है, मंत्री बने हुए आठ महीने हुए हैं, इतने में हम पर्यावरण के जादूगर नहीं बन जाते, लेकिन हमारी आदत है कि तमाशा घुस कर देखते हैं। ये बात उन्होंने शनिवार को विंध्यनगर स्थित विंध्याचल सुपर ताप विद्युत गृह परिसर के आडीटोरियम में आयोजित ‘‘फ्लाई एश का पर्यावरणीय प्रबंधन: उपयोग एवं भावी संभावनाएं’राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला सिंगरौली जिले में किया जाना अत्यंत आवश्यक था, जिससे यहां के आमलोगों में उत्पन्न भय को दूर किया जा सके तथा उन्हें इस उत्पन्न भय एवं चिंता से मुक्त कराया जा सके। मंत्री ने कहा कि मुझे आते समय यह अवगत कराया गया तथा दिखाया भी गया कि इस बड़े रिहन्द डैम में औद्योगिक कंपनी एनसीएल, एनटीपीसी का दूषित पानी छोड़ा जाता है। इसे रोकने हेतु चिंतन करने की आवश्यकता है। साथ ही ऐसे समय में कठोर निर्णय लेने की भी आवश्यकता है। फ्लाई ऐश का पर्यावरणीय के संबंध में कार्यशाला के द्वारा अपनी राय व्यक्त की गयी है उसके संबंध में शीघ्र एक ठोस पहल की जायेगी। उन्होंने कहा कि अब लाल रंग की मकान में लगने वाली ईंट के जगह फ्लाई ऐश के बने ईंटे लगाये जायेंगे। साथ ही निर्माण होने वाली सड़कों में भी तकनीकी नियमों के तहत इसका प्रयोग किया जायेगा। वहीं प्लास्टिकों से होने वाले प्रदूषण एवं इसके बचाव हेतु मुख्यमंत्री जी के द्वारा एक नई नीति लाई जा रही है जिसकी शीघ्र पहल होगी।
इसके पूर्व फ्लाई ऐश का पर्यावरणीय प्रबंधन कार्यशाला के दौरान फ्लाई ऐश के उपयोग के संबंध में विशेषज्ञ हेमंत शर्मा, गुरू विऋल, डॉ.एस.मुरली, सीएस गुजरे, डॉ.विमल कुमार तथा अन्य विषय विशेषज्ञों द्वारा अनेक सारगर्भित जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर कलेक्टर केव्हीएस चैधरी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन, आर.के.मेहरा प्रमुख अभियंता लोक निर्माण, सुदामा खेड़े अतिरिक्त प्रबंध संचालक म.प्र.सड़क विकास निगम, आर.एस.कोरी सदस्य सचिव एमपीसीबी आदि उपस्थित रहे।
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- India Pr Distribution
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- India
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- Environment · Human Resources
- Last Updated
- September 17, 2019